Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरा खाने के फायदे-नà¥à¤•सान और सेवन का सही समय à¤à¤µà¤‚ मातà¥à¤°à¤¾
संतरा विटामिन सी और अनेक पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरा खाने से पहले आपको यहां बताई गई बातें जान लेनी चाहिà¤à¥¤
नवजात शिशॠबà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• यानी मां के दूध को आसानी से पचा लेते हैं और इसे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रेचक (पेट साफ करने वाला) à¤à¥€ कहा जाता है। इस वजह से शिशà¥à¤“ं में कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ कम देखी जाती है लेकिन à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं है कि शिशॠमें कबà¥â€à¤œ होती ही नहीं है। फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• लेने वाले बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में दसà¥â€à¤¤ और कबà¥â€à¤œ होना आम समसà¥â€à¤¯à¤¾ है।
अगर आपके शिशॠको कबà¥â€à¤œ हो गई है तो जाहिर सी बात है कि ये उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठठीक नहीं होगा और इतने छोटे बचà¥â€à¤šà¥‡ को बार-बार दवा देना à¤à¥€ सही नहीं है। à¤à¤¸à¥‡ में आप नवजात शिशॠमें कबà¥â€à¤œ का इलाज घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों से कर सकते हैं।
​कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरा खा सकते हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आहार में संतरा शामिल करना बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। आप संतरे के साथ-साथ इसका रस निकाल कर à¤à¥€ पी सकते हैं। हालांकि, आपको पैकेटबंद फà¥à¤°à¥‚ट जूस नहीं पीना चाहिठकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें पà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µà¥â€à¤¸ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
संतरे के जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठपाने के लिठघर पर ही ताजा संतरे का रस निकाल कर पिà¤à¤‚ या संतरा खाà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को संतरा खाने से कई तरह के लाठमिलते हैं, जैसे कि :
इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® मजबूत होता है :
संतरा विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है जो कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला और शिशॠके इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® को मजबूती देता है। संतरा आयरन और जिंक à¤à¥€ रिलीज करता है जो कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होता है। संतरे खाने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का खतरा à¤à¥€ कम रहता है। ये शिशॠके कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ, ऊतकों, रकà¥â€à¤¤ वाहिकाओं और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• के विकास :
संतरा विटामिन बी6 और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का अचà¥â€à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरा खाने से शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• के विकास में मदद मिलती है और नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब विकार से बचाव होता है। फोलेट लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¤µà¤‚ पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के विकास में à¤à¥€ मदद कर सकता है।
कबà¥â€à¤œ से राहत :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ रहती है और संतरे में घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² और अघà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर à¤à¤µà¤‚ सैलà¥à¤²à¥‹à¤œ होता है जो मल तà¥â€à¤¯à¤¾à¤— की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं à¤à¤µà¤‚ कबà¥â€à¤œ को दूर करता है।
बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² :
संतरे में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पोटैशियम होता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने और हाई बीपी से राहत दिलाता है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरे खाने से शरीर में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ नहीं होती और इसके à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में होने वाली सूजन को à¤à¥€ कम करते हैं।
​गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में à¤à¤• दिन में कितने संतरे खा सकते हैं
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 85 मि.गà¥à¤°à¤¾ विटामिन सी की खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने की सलाह दी जाती है। इसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ दिन में तीन संतरे या विटामिन सी से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ अनà¥â€à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने से हो सकती है।
हालांकि, अगर आप विटामिन सी से पà¥à¤°à¤šà¥à¤° किसी और खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का à¤à¥€ संतरे के साथ सेवन कर रही हैं तो उसकी मातà¥à¤°à¤¾ पर जरूर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ दें। à¤à¤• दिन में तीन से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संतरे खाने से à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
​संतरा खाने का सही समय
आप दिनà¤à¤° में किसी à¤à¥€ समय संतरे खा सकते हैं। इसे खाली पेट à¤à¥€ खा सकते हैं। आहार में संतरे को शामिल करने के लिठकोई खास नियम या पाबंदी नहीं है।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरे का रस
संतरे के जूस में किसी à¤à¥€ तरह के पà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न किया गया हो। आप ताजा संतरे का जूस रोज दो गिलास तक पी सकती है।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में संतरा खाने के नà¥à¤•सान
संतरा बहà¥à¤¤ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥â€à¤Ÿ होता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान इसे खाने से अनके लाठमिलते हैं लेकिन अगर आप अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन कर लें तो निमà¥â€à¤¨ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं :
संतरे में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद सिटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ गले में खराश और दांतों के à¤à¤¨à¥‡à¤®à¤² को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
इसमें मौजूद फाइबर अधिक लेने पर पेट में à¤à¤‚ठन और लूज मोशन कर सकता है।
चूंकि, संतरा à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• होता है इसलिठइसके अधिक सेवन से गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤œà¤² रिफलकà¥â€à¤¸ डिजीज से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को सीने में जलन हो सकती है।
शरीर में अधिक विटामिन सी होने से पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर à¤à¥€ हो सकता है।
अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं तो अपनी डायâ€à¤Ÿ में संतरे को शामिल जरूर करें। ये आपको और आपके शिशॠको कई तरह से लाठपहà¥à¤‚चाà¤à¤—ा।
| --------------------------- | --------------------------- |